अब रट्टा तकनीक होगी खत्म – एजुकेशन सिस्टम में होगा बदलाव

अब छात्रो को 30 प्रतिशत बुक्स और 70 प्रतिशत क्रिएटिविटी, इनोवेशन से मिलेगा वेटेज|

देशभर की  टेक्नीकल एजुकेशन संस्थान जो की रट्टा मारकर परीक्षा देने वाली तकनीक का उपयोग करते है अब यह तकनीक जल्द ही खत्म होगी जी हां अपने सही पढ़ा ।ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इसे शुरू करने विचार कर रही हैं। अब टेक्नीकल एजुकेशन के परीक्षा पैटर्न में बदलाव किये जाएंगे, जिसमें 30 % वेटेज मेमाेरी बेस्ड सवाल अाैर 70 % वेटेज छात्र की क्रिएटिविटी, इनाेवेशन, एनालिसिस काे दिये जाएंगे।  काउंसिल शिक्षकों काे इस संभंधित ट्रेनिंग वर्कशाॅप, सेमीनार के माध्यम से दे रहा है।

इसके अनुसार, तकनीकी संस्थानों में प्रेक्टिकल जैसे प्रश्नों काे 70 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। एआईसीटीई ने इसकी शुरूआत कर ताे दी। लेकिन ज्यादातर शिक्षकों  उलझन में है की यह कैसे करना है और प्रश्न पत्र किस तरह तैयार हाेंगे, इसकी अभी तक कोई जानकारी नही है।एआईसीटीई विभिन शिक्षकों काे वर्कशॉप और सेमिनार से विशेष जानकारी दे रहा है जिससे इसका विस्तार किया जाये |

पारंपरिक स्त्रोत्र से मिलने वाली नौकरियों पर संकट

प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे का कहना है कि ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो अब 26% है। जिसमें से एक चौथाई छात्र तकनीकी शिक्षा के हैं।क्योंकि 40% प्रतिशत ऐसी नौकरिया है कुछ विषयो के आधार पर प्राप्त होती है| लेकिन आने वाले समय में छात्रों की योग्यता और क्वालिटी पर फोकस किया जायेगा उसके लिए एजुकेशन सिस्टम के बदलाव पर ध्यान देनी की आवश्यकता है|

पाॅलिटेक्निक काेर्स में भी विषय कम करके प्रैक्टिकल बढ़ेगा

ऑल इंडिया काउंसिल फाॅर टेक्निकल एजुकेशन ने पॉलिटेक्निक काेर्स में भी प्रेक्टिकल नॉलेज बढाने के लिए सेशन- 2020 से सिलेबस में बदलाव की तैयारी कर ली है। छात्र काे अब 8- 10 सप्ताह की जहां इंटर्नशिप करना जरूरी हाेगी वहीं करीब 5 विषय कम करते हुए प्रेक्टिकल का वेटेज बढ़ाया जाएगा। इसी तरह जॉॅब ओरिएंटेड बनाने के लिए एआईसीटीई इंजीनियरिंग में दो वज़रूरी विषय जोड़े गए है जो की डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *